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इसकी कीमत कितनी ज़िंदगी है?

खरीद को काम के समय में मापें — सिर्फ़ पैसे में नहीं।

किसी भी ख़रीद को अपने काम के घंटों और मिनटों में बदलें। जानें डिलीवरी, गैजेट और आदतें आपकी ज़िंदगी का कितना समय लेती हैं।

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आम सवाल

आप पैसे को काम के समय में कैसे बदलते हैं?
हम आपकी मासिक सैलरी और हफ़्ते के घंटों से प्रति घंटा कमाई निकालते हैं, फिर ख़रीद की क़ीमत को उससे भाग देते हैं।
इन-हैंड सैलरी लूँ या ग्रॉस?
रोज़मर्रा के फ़ैसलों के लिए इन-हैंड ज़्यादा सही रहती है। वही रकम डालें जो सच में खाते में आती है।
कार्य दिवस को ब्लॉक में क्यों दिखाते हैं?
ब्लॉक से समय ठोस लगता है। घंटों को ग़ायब होते देखना अक्सर सिर्फ़ रकम देखने से ज़्यादा साफ़ होता है।
क्या इसका मतलब है कि मैं कभी शौक़ की चीज़ न ख़रीदूँ?
नहीं। यह सिर्फ़ अदला-बदली महसूस कराता है, ताकि ख़रीद एक सोचा-समझा फ़ैसला हो, बाद का झटका नहीं।